हाथ उठा दो!

भाइयो!
क्या तुमने
किसी को
खाते हुए देखा है?

यदि हाँ, तो!
क्या तुम
खा जानेवाली
नजर की
खौफनाक चमक
पहचानते हो?

यदि हाँ, तो!
क्या तुम
उस चमक से
इतनी दूर हो कि
अपनी पूरी उम्र
जी सको?

यदि नहीं, तो!
पेट के धँसान में
लिखे जा रहे
नये संविधान के
समर्थन में
हाथ उठा दो!

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