रविवार, 17 नवंबर 2013

दिखे जहाँ से, वहाँ से देखो

दिखे जहाँ से, वहाँ से देखो

दिखे जहाँ से, वहाँ से देखो
देखो, ठीक यहाँ से देखो, वहाँ से देखो
दिखे जहाँ से, वहाँ से देखो
तुम्हें नहीं तो किसे दिखेगा !
अब नहीं तो, कब देखोगे
ठीक से देखो, क्या दिखता है...

कमलपट्टी मे गहमा-गहमी
हाथनगर में उथल-पुथल है
हाथी, साइकिल,घासफूस
दोपत्ती या फिर लालटेन हो
सब तेरे ही पीछे दौड़ रहे हैं
हाँफ रहे हैं, तुम्ही को नाप रहे हैं..

तुमको सब कुछ साफ दिखेगा
तुम्हें नहीं तो किसे दिखेगा !
फुल नहीं तो हाफ दिखेगा
तेरे बल पर गहमा-गहमी
तेरे बल पर उथल-पुथल है
तुम्हें नहीं तो किसे दिखेगा
देखो-देखो जमकर देखो
बस जरा सम्हलकर देखो
देखो खेल, तमाशा देखो

चिनी, गुड़, बताशा देखो
तेल भी देखो, खेल भी देखो
चेला देखो, चोला देखो
बढ़ती हुई हताशा देखो
प्यार से देखो, घृणा से देखो
क्रोध से देखो, करुणा से देखो
कॉरपोरेट की सेटिंग देखो
पीएम इन वेटिंग देखो
तुमको सब कुछ साफ दिखेगा
तुम्हें नहीं तो किसे दिखेगा !
फुल नहीं तो हाफ दिखेगा
कल भी देखा, आज भी देखो
आलू देखो, प्याज भी देखो

देखो खेल, तमाशा देखो
यह भी देखो, वह भी देखो
जो भी देखो, जमकर देखो
कल भी देखा, आज भी देखो
कागद लेखी, आँखिन देखी
दिखे जहाँ से, वहाँ से देखो
अब नहीं तो, कब देखोगे
तुमको सब कुछ साफ दिखेगा
फुल नहीं तो हाफ दिखेगा
तुम्हें नहीं तो किसे दिखेगा !
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