सोमवार, 10 फ़रवरी 2014

फगुनवाँ में हो, फगुनवाँ में

फगुनवाँ में हो, फगुनवाँ में

बुढ़वा देवर लागे हो, देवर लागे 
फगुनवाँ में, काँचे-कचनार लागे

फगुनवाँ में, पोरे-पोर गुलाल लागे
बुढ़िया के अजगुत श्रृँगार लागे हो
फगुनवाँ में, सब के गाते बयार लागे

है लागे-लागे, बतहा बयार लागे हो
पियवा बहकल अन-चिन्हार लागे
फगुनवाँ में, घरैतिन झमार लागे

हो, राति इजोरिया, झम-झम नाचे
औ दिनौ में घरवा के किवाड़ लागे हो
फगुनवाँ में, दुलरहु के बाजार लागे हो

घर में नाहिं पैसा, पियवा उधार लागे
ननदो, बहकल पियवा अ-चिन्हार लागे
हय बुढ़वा देवर लागे हो, देवर लागे

हाँ फगुनवाँ में, काँचे-कचनार लागे
फागुन में, अ-नारियो होशियार लागे
हाँ फगुनवाँ में हो, फगुनवाँ में, फगुनवाँ में
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