सिर झुकाने का जादू

सिर झुकाने का जादू


एक तुम से, बात करने की तमन्ना।
नहीं तो, इन शब्दों का जादू क्या।।

दूर रहकर, पास होने की तमन्ना।
नहीं तो साथ रहने का जादू क्या।।

है बाकी, रूठने-मनाने की तमन्ना।
नहीं तो तेरे इसरार का जादू क्या।।

दिल के हिस्से में आँखों की तमन्ना।
नहीं तो आँख-लड़ाने का जादू क्या।।

जो है उससे बेहतर पाने की तमन्ना।
नहीं तो, सिर झुकाने का जादू क्या।।
एक टिप्पणी भेजें